🌞~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌤️ दिनांक -05 जुलाई 2024
🌤️ दिन - शुक्रवार
🌤️ विक्रम संवत - 2081 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2080)
🌤️ शक संवत -1946
🌤️ अयन - दक्षिणायन
🌤️ ऋतु - वर्षा ॠतु
🌤️ मास - आषाढ (गुजरात-महाराष्ट्र ज्येष्ठ)
🌤️ पक्ष - कृष्ण
🌤️ तिथि - अमावस्या 06 जुलाई प्रातः 04:26 तक तत्पश्चात प्रतिपदा
🌤️ नक्षत्र - आर्द्रा 06 जुलाई प्रातः 04:06 तक तत्पश्चात पुनर्वसु
🌤️ योग - ध्रुव 06 जुलाई रात्रि 03:49 तक तत्पश्चात व्याघात
🌤️ राहुकाल - सुबह 11:03 से दोपहर 12:43 तक
🌞 सूर्योदय-06:03
🌤️ सूर्यास्त- 19:23
👉 दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण - चतुर्दशी-आर्द्रा नक्षत्र योग (प्रातः 03:54 से 04:57 तक) ॐकार का जप अक्षय फलदायी),दर्श अमावस्या,आषाढ अमावस्या
💥 विशेष - अमावस्या व व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌷 नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए 🌷
➡ 05 जुलाई 2024 शुक्रवार को दर्श अमावस्या, आषाढ़ अमावस्या है।
🏡 घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌷 अमावस्या 🌷
🙏🏻 अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌷 धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए 🌷
🔥 हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।
🍛 सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।
🔥 विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।
🔥 आहुति मंत्र 🔥
🌷 १. ॐ कुल देवताभ्यो नमः
🌷 २. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः
🌷 ३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः
🌷 ४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
🌷 ५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
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